प्यारी माँ

rajaarkey
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Re: प्यारी माँ

Post by rajaarkey » 07 Nov 2014 20:31

साथी संगी सखी सहेली माँ हीँ होती हैँ
हमदर्द व हमराज अकेली माँ हीँ होती हैँ
दुध पिलाऐ लहु पिलाऐ और पिलाऐ आँसु
दुःख सुःख के हर रंग को झेली माँ हीँ होती हैँ
हँस हँस कर बाहोँ मेँ झुलाऐँ रो रो बिठाऐँ डोली
धुप और छाओँ मेँ सँग सँग खेली माँ हीँ होती हैँ
जिस की छाओँ मेँ हर मौसम हर पहर हो इतमीनान
ऐसी एक महफुज हवेली माँ हीँ होती हैँ
आते जाते मौसम के बदलाओ से आगाह
बुझ ले जो हर पहेली माँ हीँ होती हैँ
जिस के लम्स से जलती आँख को हो शबनम का ऐसशाश
ठंडी ठंडी चाँद हथेली माँ हीँ होती हैँ
चेहरे फिके पर जाए उड जाऐँ रंग
जब भी देखो नई नवेली माँ हीँ होती हैँ



rajaarkey
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Re: प्यारी माँ

Post by rajaarkey » 07 Nov 2014 20:32

ईश्वर का वरदान है माँ
हम बच्चों की जान है माँ
मेरी नींदों का सपना माँ
तुम बिन कौन है अपना माँ
तुमसे सीखा पढ़ना माँ
मुश्किल कामों से लडना माँ
बुरे कामों में डाँटती माँ
अच्छे कामों में सराहती माँ
कभी मित्र बन जाती माँ
कभी शिक्षक बन जाती माँ
मेरे खाने का स्वाद है माँ
सब कुछ तेरे बाद है माँ
बीमार पडूँ तो दवा है माँ
भेदभाव ना कभी करे माँ
वर्षा में छतरी मेरी माँ
धूप में लाए छाँव मेरी माँ
कभी भाई, कभी बहन, कभी पिता बन जाती माँ
ग़र ज़रूरत पडे तो दुर्गा भी बन जाती माँ
ऐ ईश्वर धन्यवाद है तेरा दी मुझे जो ऐसी माँ
है विनती एक यही तुमसे हर बार बने ये हमारी माँ

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