Shero shayries शेरो शायरी

raj..
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Re: Shero shayries शेरो शायरी

Postby raj.. » 11 Oct 2014 10:13

रूठना तुम्हारा एक दिखावा होता था
और सताने की आशा करते थे तुम
मसरूफ होते थे मेरे कहानियों मे
मेरी हर बात पे हँसा करते थे तुम

भिगे लब मेरे सबूत है इस बात के
कभी प्यासा भी हुआ करते थे तुम
मेरी हर आह और सिसकी गवाह है
ये बदन तराशा भी करते थे तुम


raj..
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Re: Shero shayries शेरो शायरी

Postby raj.. » 11 Oct 2014 10:14

जरुरत है एक हमसफर की
ले लो हमें अपनी बाहों मे
आना है इस अन्धेरे से बहार
भटके है जो अंजान राहों मे

देखली ये दुनिया जी भर के
समाने दो गहरी निगाहों मे
थक गया हूं तपती धूप मे
सो जाने दो अपनी पनाहों मे
The Romantic
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Re: Shero shayries शेरो शायरी

Postby The Romantic » 06 Nov 2014 22:18

उदास नहीं होना, क्योंकि मैं साथ हूँ!
सामने न सही पर आस-पास हूँ!
पल्को को बंद कर जब भी दिल में देखोगे!
मैं हर पल तुम्हारे साथ हूँ!



कभी किसी सपने को दिल से लगाया करो!
किसी के ख्वाबों में आया-जाया करो!
जब भी जी हो कि कोई तुम्हें भी मनाये!
बस हमें याद करके रूठ जाया करो!



मोहब्बत ऐसी थी कि उनको दिखाई न दी!
चोट दिल पर थी इसलिए दिखाई न गयी!
चाहते नहीं थे उनसे दूर होना पर!
दुरिया इतनी थी कि मिटाई न गयी!



दिल से रोये मगर होंठो से मुस्कुरा बेठे!
यूँ ही हम किसी से वफ़ा निभा बेठे!
वो हमे एक लम्हा न दे पाए अपने प्यार का!
और हम उनके लिये जिंदगी लुटा बेठे!



सारी उम्र आँखों में एक सपना याद रहा!
सदियाँ बीत गयी पर वो लम्हा याद रहा!
न जाने क्या बात थी उन मे और हम मे!
सारी महफिल भूल गए बस वही एक चेहरा याद रहा!



आज यह कैसी उदासी छाई है!
तन्हाई के बादल से भीगी जुदाई है!
रोया है फिर मेरा दिल!
जाने आज किसकी याद आई है!

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