ख्वाबो के दामन से ...

User avatar
sexy
Platinum Member
Posts: 3953
Joined: 30 Jul 2015 19:39

Re: ख्वाबो के दामन से ...

Post by sexy » 04 May 2016 23:42

तुमको देखा तो.........!!
तुम्हे याद है जानां , जब हम पहली बार मिले तो तुमने मुझे अपने आलिंगन में ले लिए था और मैं तुम्हे देखता ही रह गया था .. पता नहीं क्या जादू था तुम्हारे चेहरे पर मुझे तुम बहुत अपनी सी लगी थी , लगा ही नहीं था की हम पहली बार मिल रहे है .. तुम्हे याद है , जब हम ऑटो में बैठकर अपने घर [ मैं उसे हम दोनों का घर ही कहूँगा ... क्योंकि हम अब भी वहां मौजूद है और हमारी आत्माए अब भी balcony में बैठकर बहती नदी को देखती है ] जा रहे थे ,तो सारे रास्ते मैं तुम्हे देखता रहा था .. कैसी अजीब सी कशिश थी .. तुममे .. तुमको देखा तो लगा पहले के मिले हुए है और बहुत दिनों बाद फिर से मिल रहे है .. तुम्हे पता है जानां , मैं अब भी तुम्हे वैसे ही देखता हूँ...........और हमेशा ही देखते रहूँगा .. चाहे तुम मेरे पास रहो और या मुझसे दूर रहो .. लेकिन मैं तुम्हे एक बात बताऊँ.. तुम मुझसे कभी भी दूर नहीं रहती हो... मेरे पास ही हो तुम जानां ...!!!



User avatar
sexy
Platinum Member
Posts: 3953
Joined: 30 Jul 2015 19:39

Re: ख्वाबो के दामन से ...

Post by sexy » 04 May 2016 23:42

एक खुली खिड़की...............!!!



मैं एक खुली खिड़की से तुम्हारे साथ गिरती हुई बर्फ देखना चाहती हूँ .
मैं एक खुली खिड़की से तुम्हारे साथ ढलती हुई साँझ देखना चाहती हूँ .
मैं एक खुली हुई खिड़की से तुम्हारे साथ उगता हुआ चाँद देखना चाहती हूँ .
मैं एक खुली खिड़की से तुम्हारे साथ जिंदगी को गुजरते हुए देखना चाहती हूँ

User avatar
sexy
Platinum Member
Posts: 3953
Joined: 30 Jul 2015 19:39

Re: ख्वाबो के दामन से ...

Post by sexy » 04 May 2016 23:42

बोल न हलके हलके ...
तुम्हे याद है जानां ...कई बार ऐसा हुआ है की तम्हारे साथ लम्बे सफ़र में अक्सर ये गाना बजता था . मुझे ये गाना बहुत पसंद है और तुम्हारे साथ खूब गुनगुनाता भी था .. वो लम्बी सी long drive .... वो सड़क के किनारे के किसी होटल में नाश्ता करना .. और फिर कभी कभी तुम्हे छूना .. तुम्हे देखना .. फिर कितनी सारी कभी न ख़त्म होने वाली बाते .. सफ़र कब ख़त्म हो जाता था , पता ही नहीं चलता था ...याद है , एक बार हमने सड़क के किनारे रुक कर खेतो से ओले [ चने के पौधे ] तोड़े थे ....कितनी सारी यादे...सारे लम्हे अक्सर रातो को दिए बन कर दिल में जलते है जानां ....तुम क्या जानो तन्हाईयो की आहटो को ....हमारे सफ़र के वाहन बने , ऑटो, रिक्शा ,ट्रेन, कार, उड़न खटोला , नाव, boat , cruize ..और कितना सफ़र तो हमने हाथो में हाथ डालकर पैदल ही तय किया है ....और कुछ याद नहीं आ रहा है....बस आँखे धुंधला जाती है तेरे नाम के पानी से ............

Post Reply